बिज़नेस / अर्थव्यस्था

बिना टिकट कंफर्म हुए रेलवे को होती है 1500 करोड़ की आय

B. Rao 2018-04-19 18:04:40


हर साल नई ट्रेनें चलाने के बावजूद रेलवे दो-तिहाई यात्रियों को कन्फर्म टिकट उपलब्ध नहीं करा पाता है। इसके बावजूद ये यात्री रेलवे के लिए फायदे का सौदा साबित हो रहे हैं। रेलवे की यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) के तहत हर साल लगभग 55 करोड़ यात्री टिकट बुक कराते हैं। इनमें से केवल 52 फीसद यात्रियों को ही कंफर्म टिकट मिल पाता है। बाकी 48 फीसद यात्रियों को या तो टिकट कैंसिल करानी पड़ती है या वेटिंग लिस्ट टिकट पर ही यात्रा के लिए मजबूर होना पड़ता है। ऐसे यात्रियों से रेलवे को अच्छी खासी कमाई होती है। वर्ष 2016-17 के दौरान यह कमाई 1400 करोड़ रुपये थी। जबकि 2017-18 के दौरान इसके 1600 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। टिकट रद होने के बावजूद इतनी कमाई रेलवे के कैंसिलेशन रिफंड नियम कड़े होने के कारण संभव हुई है। रेलवे ने 2015 में अपने कैंसिलेशन और रिफंड नियमों को काफी सख्त और महंगा बना दिया था। इसके तहत कंफर्म टिकट रद कराने पर कैंसिलेशन शुल्क फर्स्ट एसी के लिए 240 रुपये, सेकेंड एसी के लिए 200 रुपये और थर्ड एसी के लिए 180 रुपये कर दिया गया था। जबकि सेकेंड स्लीपर क्लास के लिए 120 रुपये और सेकेंड क्लास के लिए 60 रुपये के कैंसिलेशन शुल्क की व्यवस्था लागू कर दी गई थी।