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दिन में सुस्ती से अलजाइमर का खतरा

B. Rao 2018-10-05 18:54:18


जो लोग दिन के समय सुस्ती और नींद महसूस करते हैं, उनमें उन लोगों के मुकाबले भूलने की बीमारी होने का तीन गुना ज्यादा खतरा होता है जो रात को अच्छी नींद लेते हैं

तकरीबन 10 साल तक चले अध्ययन के लिए कुछ उम्रदराज लोगों का परीक्षण किया गया। इसमें पता चला कि जिन लोगों को दिन के वक्त सुस्ती या आलस महसूस हो रहा था, उनमें अलजाइमर होने का खतरा तीन गुना अधिक था। ऐसे लोगों के दिमाग में बीटा अमायलॉइड 
नाम का एक प्रोटीन पाया गया। यह प्रोटीन अलजाइमर की बीमारी की पहचान है।

मध्यम उम्र के व्यक्तियों में इस समस्या से ग्रस्त होने का खतरा ज्यादा रहता है। जो खुद के लिए जरा सा भी वक्त नहीं निकालते उनमें यह बीमारी ज्यादा पाई जाती है। स्पाइरा के मुताबिक, अभी तक यह पता नहीं चला है कि दिन के वक्त उनींदा महसूस करने को बीटा अमायलॉइड प्रोटीन के जमा होने से जोड़कर क्यों देखा जा सकता है। एक संभावित कारण यह भी हो सकता है कि दिन में सुस्ती महसूस करने की वजह से ही यह प्रोटीन दिमाग में बन जाता हो।