धर्म / आस्था

श्राद्ध में ब्राह्मण भोज का विशेष महत्व

B. Rao 2018-10-03 16:42:27


श्राद्ध तिथि पर भोजन के लिए, ब्राह्मणों को पहले से आमंत्रित करें।

-दक्षिण दिशा में बैंठाएं, क्योंकि दक्षिण में पितरों का वास होता है।


-हाथ में जल, अक्षत, फूल और तिल लेकर संकल्प कराएं।

-कुत्ते, गाय, कौए, चींटी और देवता को भोजन कराने के बाद, ब्राह्मणों को भोजन कराएं।

-भोजन दोनों हाथों से परोसें, एक हाथ से परोसा भोजन, राक्षस छीन लेते हैं।

-बिना ब्राह्मण भोज के, पितृ भोजन नहीं करते और शाप देकर लौट जाते हैं।

-ब्राह्मणों को तिलक लगाकर कपड़े, अनाज और दक्षिणा देकर आशीर्वाद लें।

-भोजन कराने के बाद, ब्राह्मणों को द्वार तक छोड़ें।

-ब्राह्मणों के साथ पितरों की भी विदाई होती हैं।

-ब्राह्मण भोजन के बाद, स्वयं और रिश्तेदारों को भोजन कराएं।