धर्म / व्रत त्यौहार

जन्माष्टमी पर करें राशि अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का पूजन

B. Rao 2018-09-02 22:54:10


देवकीनंदन, यदुनंदन, राधाप्रिय भगवान श्रीकृष्ण जन्म-उत्सव भादौ कृष्ण पक्ष अष्टमी के दिन रात्रि 12 बजे मनाया जाता है। इस
दिन भगवान श्रीकृष्ण का पूजन विधि-विधानपूर्वक करना चाहिए।

 

भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के दिन प्रात:काल स्नान करके घर को स्वच्छ करें। नाना प्रकार के सुगंधित पुष्पों से घर की सजावट करें
गोपालजी का पालना सजाएं। तत्पश्चात भगवान को शुद्ध जल से स्नान कराएं फिर दूध, दही, घी, शहद, शकर पंचामृत से स्नान
कराएं। सभी स्नान के बाद शुद्ध जल से स्नान कराके दूध से अभिषेक करें भगवान को वस्त्र पहनाएं। आभूषण से सुशोभित कर केशर
या चंदन का टीका लगाएं तथा फिर भगवान को पालने में सुला दें। यदुनंदन की इस प्रकार से पूजा करने से आपको वे आनंददायक
पालने का सुख देंगे।

 

रात्रि 12 बजे तक भगवान के कीर्तन, भजन जप करते रहें। रात्रि 12 बजे भगवान की जन्म आरती कर जन्मोत्सव मनाएं। राशि के अनुसार भगवान का पूजन करें तो अनन्य फल प्राप्त होता है।

 

मेष : लाल वस्त्र पहनाएं कुंकुं का तिलक करें।

 

वृषभचांदी के वर्क से श्रृंगार करें सफेद चंदन का तिलक करें।

 

मिथुनलहरिया वाले वस्त्र पहनाएं चंदन का तिलक करें।

 

कर्कसफेद वस्त्र पहनाएं दूध का भोग लगाएं।

 

सिंहगुलाबी वस्त्र पहनाएं अष्टगंध का तिलक लगाएं।

 

कन्या : हरे वस्त्र पहनाएं मावे का भोग लगाएं।

 

तुला : केसरिया वस्त्र पहनाएं माखन-मिश्री का भोग लगाएं।

 

वृश्चिक : लाल वस्त्र पहनाएं मिल्क केक का भोग लगाएं।

 

धनु : पीला वस्त्र पहनाएं पीली मिठाई का भोग लगाएं।

 

मकरलाल-पीला मिश्रित रंग का वस्त्र पहनाएं मिश्री का भोग लगाएं।