धर्म / व्रत त्यौहार

हरछठ व्रत

B. Rao 2018-08-31 21:30:59


हरछठ  जिसे हलषष्ठी भी कहते हैं का व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता श्री बलरामजी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। बलरामजी का प्रधान शस्त्र हल तथा मूसल है, इसी लिए उन्हें हलधर भी कहा जाता है, आैर इसी कारण इस पर्व को 'हलषष्ठी या हरछठ' कहते हैं। वैसे भारत के पूर्वी हिस्सों में इसे 'ललई छठ' के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन विशेष रूप से हल की पूजा करने आैर महुए की दातून करने की परंपरा है। 

इस व्रत में विशेष रूप से गाय के दूध आैर उससे तैयार दही का प्रयोग कतर्इ वर्जित है। हां भैस के दूध, दही का सेवन किया जा सकता है। कहते हैं इस दिन जोता बोया अन्न नहीं खाना चाहिए। इसलिए इस व्रत में पसही के चावल आैर महुए की मिठास से बनी चीजे खा कर व्रत खोला जाता है। ये व्रत भी संतान की इच्छा आैर उसकी सुरक्षा के लिए रखा जाता है।

शनिवार 1 सितंबर 2018 को हरछठ मनाया जायेगा