बिज़नेस / अर्थव्यस्था

टैक्स चोरी विवाद में फंसी कॉग्निजेंट

B. Rao 2018-03-28 16:02:14


आईटी सेक्टर की कंपनी कॉग्निजेंट की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं. आयकर विभाग ने कंपनी के कुछ बैंक खाते और डिपोजिट को फ्रीज कर दिया है. इस मामले की पुष्टी आयकर विभाग के उच्च पदाधिकारी ने की है. कंपनी पर लाभांश वितरण टैक्स नहीं चुकाने का आरोप है. आयकर विभाग ने हाल में प्रमुख आईटी सेवा कंपनी कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस कॉरपोरेशन और समूह की मॉरिशस इकाई को नोटिस भेजा था. विभाग का कहना है कि कॉग्निजेंट ने सही टैक्स का भुगतान किए बिना अपनी भारतीय कंपनी से मुनाफे को ट्रांसफर किया. इनकम टैक्स एक्ट के मुताबिक, कंपनी को लाभांश वितरण पर DDT देना होगाता है. कंपनी एक्ट के सेक्शन 77A और CTS के तहत सिर्फ बायबैक की स्थिति में यह छूट मिलती है

क्या है पूरा मामला

·        आयकर विभाग ने जनवरी में कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस कॉरपोरेशन और समूह की मॉरिशस इकाई को नोटिस भेजा था.

·        आयकर विभाग का कहना था कि कॉग्निजेंट ने सही टैक्स का भुगतान किए बिना अपनी भारतीय कंपनी से मुनाफे को ट्रांसफर किया.

·        इस रकम का ट्रांसफर 2013 में अधिक कीमत पर भारतीय सहायक इकाई द्वारा शेयरों के पुनर्खरीद के जरिये किया गया.

·        आयकर विभाग का कहना है कि अमेरिकी कंपनी ने 2016 में भी एक व्यवस्था के जरिये रकम को ट्रांसफर किया.

कंपनी पर लगे हैं ये आरोप

·        आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2014-15 के लिए दिसंबर 2017 तक दोनों सहायक इकाइयों मसौदा आंकलन आदेश जारी किया था. इसके तहत 30 दिनों के भीतर एक समाधान पैनल के सामने आपत्तियां दर्ज कराने के लिए कहा गया था.

·        आयकर विभाग ने यह भी आरोप लगाया था कि कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस इंडिया ने करीब 23,000 रुपये प्रति शेयर मूल्य पर कॉग्निजेंट मॉरिशस से करीब 9.1 लाख शेयरों की पुनर्खरीद की थी

·        आयकर विभाग का कहना था कि यह भाव वास्तविक मूल्य से कहीं अधिक है.

·        1 जुलाई 2013 से प्रभावी पुनर्खरीद कर से बचने के लिए महज एक महीने (मई 2013) के दौरान इस प्रकार के लेनदेन किए गए. यदि पुनर्खरीद बाद के महीनों में की जाती तो उस पर करीब 20 फीसदी का कर दायित्व बनता.

उस समय कॉग्निजेंट ने ये कहा था
कॉग्निजेंट के प्रवक्ता ने नोटिस मिलने के बाद कहा था खि हम सामान्य कामकाज के दौरान और समय-समय पर बड़े लेनदेन के बारे में आयकर विभाग से चर्चा और समीक्षा करते हैं. हमेशा हमने पूछे गए सवालों का उचित जवाब दिया है. कॉग्निजेंट सभी नियमों और कानूनों का पूरी तरह पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है.