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हलाला पीड़िताओं का दर्द, इससे तो बेहतर था कि सूली पर चढ़ा दिया जाता

B. Rao 2018-08-10 13:57:02


हलाला पीड़िताओं का दर्द, इससे तो बेहतर था कि सूली पर चढ़ा दिया जाता

तीन तलाक हलाला पीडि़ताओं ने बुधवार को राज्य अल्पसंख्यक आयोग पहुंचकर आंसुओं के जरिये अपना दर्द बयां किया। किसी को ससुर के साथ तो किसी को देवर के साथ तो कई को पड़ोसी मौलवी के साथ हलाला करना पड़ा। इसके बाद भी उनके पतियों ने नहीं अपनाया। एक पीडि़ता ने तो यहां तक कह दिया कि इससे बेहतर था कि सीधे सूली पर ही चढ़ा दिया जाता। हलाला पीडि़ताओं की दर्द भरी दास्तां सुनकर राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने अब इनकी आवाज बनने का निर्णय लिया है। अध्यक्ष तनवीर हैदर उस्मानी ने कहा कि सभी पीडि़ताओं को इंसाफ दिलाया जाएगा। इस मामले में संबंधित जिलों के डीएम-एसएसपी से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि हलाला के नाम पर वेश्यावृत्ति हो रही है। सरकार को तीन तलाक की तरह हलाला पर प्रतिबंध लगाने के लिए विधेयक लाना चाहिए। उन्होंने बताया कि जल्द ही आयोग मुख्यमंत्री योगी से मिलकर हलाला के खिलाफ कानून बनाने की मांग करेगा। साथ ही हलाला को लेकर पीडि़त महिलाओं के दर्द की रिपोर्ट सीएम को सौंपी जाएगी। इस मौके पर सदस्य सोफिया अहमद, सरदार परविन्दर सिंह, कुंवर इकबाल हैदर, समाज सेविका फरहत नकवी आदि मुख्य रूप से उपस्थित थीं। आयोग ने मुरादाबाद के डीएम एसएसपी को हलाला मामले की एक पीडि़ता के पति ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। तनवीर हैदर ने फोन पर डीएम एसएसपी से फोन पर तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं। तनवीर हैदर उस्मानी ने बरेली में ससुर से हलाला कराये जाने के मामले में पुलिस की भूमिका की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने ससुर को इतना समय दिया कि वह हाईकोर्ट से स्टे ले आए। डीएम एसएसपी से इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।