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संसद में प्रदर्शन: राज्यसभा में पेश होगा तीन तलाक बिल

B. Rao 2018-08-10 11:55:29



आज राज्यसभा में संशोधन के साथ तीन तलाक बिल पेश किया जाना है। जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांसदों की उपस्थिति को लेकर व्हिप जारी किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रणनीति के लिए सुबह से ही संसद में उपस्थित हैं। इस मीटिंग में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी और कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। राफेल मामले पर संसद के बाहर और अंदर दोनों ही जगह विपक्ष के सांसद भाजपा और मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। आज उपसभापति के रूप में हरिवंश का राज्यसभा में पहला दिन है। 

 
राफेल डील मामले में विपक्षी पार्टी के सांसद काली पार्टी बांध कर प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी पार्टी के सांसद राफेल मामले पर सरकार से जेपीसी यानी संयुक्त जांच समिति की मांग कर रहे हैं। 

आज मानसून सत्र का आखिरी दिन है और संसद में कई मामलों में हंगामें की उम्मीद है। तीन तलाक से लेकर राफेल डील मामले पर कांग्रेस पार्टी भाजपा को घेरने में जुटी है।

सोनिया गांधी खुद संसद भवन परिसर में बने महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने राफेल डील मामले पर प्रदर्शन कर रही हैं। उनके साथ आप पार्टी के सांसद सुशील गुप्ता और कई कांग्रेस के नेता मौजूद हैं।

तीन तलाक मुद्दे पर सोनिया गांधी ने कहा कि हमारी पार्टी की पोजीशन इस मामले में एकदम साफ है और हम इस मामले  पर और कुछ नहीं कहेंगे। 
राफेल मामले पर संसद परिसर में कांग्रेस, सीपीआई, आरजेडी और आप के सांसद प्रदर्शन कर रहे हैं। 

बता दें कि बृहस्पतिवार को  केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष से इस को पारित कराए जाने की अपील करते हुए कहा था कि यदि सोनिया गांधी, मायावती और ममता बनर्जी लैंगिक समानता चाहती हैं तो उन्हें बिल का विरोध नहीं करना चाहिए। 

कैबिनेट ने एक साथ तीन तलाक यानी तलाक--बिद्दत संबंधी बिल में विपक्ष की मांग मानते हुए उस संशोधन की मंजूरी दे दी है जिसके तहत आरोपी जमानत के हकदार होंगे। अब इस बिल के कानून बनने के बाद तीन तलाक का आरोपी मजिस्ट्रेट से जमानत ले सकता है। 

हालांकि एक साथ तीन तलाक गैर जमानती अपराध की श्रेणी में ही रहेगा। बिल में आरोपी को अपराध साबित हो जाने के बाद तीन सील की सजा का प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को राज्यसभा में संशोधन के साथ तीन तलाक बिल पेश किया जाएगा। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने आज राज्यसभा में अपने सांसदों की उपस्थिति को लेकर व्हिप जारी किया है। इसे देखते हुए शीतकालीन सत्र में इस बिल को संसद की मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। 

उल्लेखनीय है कि तीन तलाक से संबंधित मुसलिम महिला विवाह संरक्षण बिल लोकसभा से पास हो चुका है। यह बिल एनडीए की अल्पमत वाली राज्यसभा में अटका हुआ है। विपक्ष शुरु से आरोपी के जमानत के प्रावधान नहीं होने के मसले पर इस बिल का विरोध कर रहा है। सरकार ने यह संशोधन मान कर तीन तलाक पर विपक्ष के विरोधी तेवर की हवा निकाल दी है। अब इस बिल को राज्यसभा में पास होने के बाद एक बार फिर लोकसभा की हरी झंडी लेनी होगी। 

बिल के मौजूदा प्रावधान के मुताबिक एक बार में तीन तलाक बोल कर वैवाहिक बंधन से अलग की जाने वाली मुसलिम महिला अपने और नाबालिग बच्चे केलिए मुआवजे की हकदार होंगी। साथ ही नाबालिग बच्चे को रखने का हक भी महिला का होगा। हालांकि इसपर अंतिम फैसला मजिस्ट्रेट करेगा।